Human Society (मानव समाज )

 
[* Original in Hindi by A Nagraj]
 

Society & Norms (समाज और नीति)

समाज और विधी *स्त्रोत = व्यवहारवादी समाजशास्त्र , संस १, अध्याय ९  पूर्णता के अर्थ में स्वत्व, स्वतंत्रता, उपकार संयुक्त रूप से वैभव संपन्न परंपरा है :- वधि का कार्यरूप नियम और न्याय सम्मत विधि से किया गया कार्य-व्यवहार है । नियम और न्याय में नित्य संगीत ही समाधान के ...

Society, Religion & State (समाज, धर्म और राज्य)

समाज धर्म (व्यवस्था) और राज्य  *स्त्रोत = समाधानात्मक भौतिकवाद संस १९९८, अध्याय ८  विगत का विश्लेषण व वर्तमान की समीक्षा :- धर्म:- जब से इस धरती पर आदर्शवादी विचार प्रभावी रहा है, तब से इतिहास के अनुसार राज्य एक कार्यक्रम रहा है। धर्म का आधार आदर्शवाद ...

Social Order (५ आयामी समाज व्यवस्था)

परिवार मूलक स्वराज्य व्यवस्था योजना  * स्त्रोत = अवर्तानशील अर्थशास्त्र , संस २, अध्याय १२   स्वराज्य व्यवस्था के लिए पूर्व तत्परता एवं आंकलन  स्वराज्य सभा  शिक्षा-संस्कार व्यवस्था  उत्पादन-कार्य व्यवस्था ‘. स्वायत्त सहकारी विनिमय-कोष व्यवस्था  ...

World Organization (परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था)

परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था का स्वरूप  * स्त्रोत =  अवर्तानशील अर्थशास्त्र , संस २, अध्याय ११  v  अविकसित के प्रति आसक्ति (आकर्षण) से ही विवशता है जो विकास को अवरूद्घ करती है। ह्रास की सूचना रहते हुए भी विकास के स्पष्ट ज्ञान एवं निष्ठा के अभाव...
Madhyasth Darshan