Coexistentialist Science ( सहअस्तित्ववादी विज्ञान)

 
[* Original in Hindi by A Nagraj]

Time (काल)

काल *स्त्रोत = कर्मदर्शन संस-२, अध्यय ३, भाग १५   काल की परिभाषा ‘क्रिया की अवधि’ के रूप में होना स्पष्ट है। क्रिया अपने में निरन्तर संपन्न होती ही रहती है। साथ में कुछ क्रियायें आवर्तित होती रहती है। ऐसे आवर्तन की निरन्तरता बनी रहती है। कभी बंद होती ही नहीं। ऐस...

Space, Direction, Distance, Expanse... (देश, दिशा, दूरी, विस्तार)

देश , दिशा , दूरी , विस्तार आयाम , कोण  *स्त्रोत = कर्मदर्शन संस #२, अध्याय ३, भाग १४ हर मानव इन सभी मुद्दों को जाँचना चाहते हैं। ज्ञान के लिए, समझने के लिए। दूरी का क्या मतलब क्या है? प्रयोजन है? इस पर हर मानव का ध्यान जाता ही है। दू...

Potential and Force (State & Motion) (बल और शक्ति)

बल -शक्ति (स्थिति-गति) स्त्रोत = मानव कर्मदर्शन, संस-२, अध्याय ३, भाग 11 हम मानव विगत से बल और शक्ति के बारे में बहुत सारे अनुमान लगाते रहे हैं। विज्ञान युग आने के बाद शक्ति के बारे में और निष्कर्ष निकालने का प्रयोग किया गया। अभी तक पूर्ण निष्कर्ष व...

Property (Quality) (गुण)

गुण *स्त्रोत =मानव  कर्म दर्शन, संस :२, अध्याय ३, भाग १०  गुण अपने स्वरूप में सम, विषम, मध्यस्थ क्रिया और प्रवृत्तियाँ है। इनके फल परिणाम के आधार पर यह आंकलित होता है। सृजनकारी संयोजन क्रियाकलाप सम प्रवृत्ति के नाम से इंगित कराया गया है। विभव कार्य के ...

Quantity (मात्रा)

मात्रा (*स्त्रोत = कर्म दर्शन संस २, अध्याय ३, भाग ९) एक-एक के रूप में जो वस्तु विद्यमान है, वस्तु का तात्पर्य वास्तविकता को व्यक्त करने से है। वास्तविकतायें रूप, गुण, स्वभाव, धर्म तक एक दूसरे के साथ अविभाज्य रूप में वर्तमान हैं। अर्थात् मात्रा के...

Light & Reflection (प्रकाश एवं प्रतिबिम्ब)

प्रकाशन और प्रतिबिम्ब *स्त्रोत = समधात्मक भौतिकवाद, संस १९९८, अध्याय ६  अस्तित्व में प्रत्येक एक प्रकाशमान हैं। प्रकाशमानता के मूल में सत्ता में संपृक्त बल संपन्न रहना ही हैं। बल संपन्नता ही प्रत्येक एक में, क्रियाशीलता का मूल तत्व हैं। प्रत्येक क्रिय...

Property, Effect & Potential (गुण, प्रभाव एवं बल)

  गुण, प्रभाव व बल *स्त्रोत = समाधानात्मक भौतिकवाद संस १९९८, अध्याय ७  गुण की परिभाषा गण्यात्मक गति अथवा जिन गतियों की गणना की जा सकती हैं। जब गुण का तात्पर्य गति ही है, तब गति का ही नाम क्यों न प्रयोग में लाया जाय, गुण का नाम लेने का क्या आव...

Pressure, Flow, Wave, Electromagnetic-Force (दबाव, तरंग एवं चुम्बकीय बल)

दबाव , प्रवाह , तरंग , विद्युत चुम्बकीय बल  *स्त्रोत = कर्म दर्शन, संस २००४, भाग२, अध्याय १३  दबाव- स्वभाव गति से भिन्न, सम विषम आवेश के लिए प्राप्त विवशतायें दबाव है। प्रवाह- निरन्तर रस द्रव्य का ढाल की ओर गति प्रवाह है। तरंग- ठोस, तर...

Heat and the Earths Balance (उष्मा एवं धरती का ताप)

उष्मा और धरती का संतुलन *स्त्रोत = कर्मदर्शन संस २००४, भाग२, अध्याय ७ मनुष्येत्तर प्रकृति को खनिज सम्पदा से भरपूर धरती पर फैली हुई हरियाली, जीव संसार के रूप में देखते हैं। यह धरती पहाड़, जंगल, नदी, नाला, जीव जानवर से सम्पन्न है। सम्पन्नता...
Madhyasth Darshan